Saturday, 13 August 2011

भईया मेरे राखी के बंधन को निभाना

सचिन धीमान
मुजफ्फरनगर(Lagatar Khabar)
रक्षा बंधन का त्यौहार देश भर में बडे ही धूमधाम के साथ मनाया गया वहीं जनपद में भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बहनों ने अपने प्यार को एक राखी में पीरोकर अपने भाईयों की कलाई पर बांधा। कुछ बहने को अपने भाईयों के पास बडी दूर से प्यारभरी राखी लेकर भाई को बांधने पहुंची तो भाईयों को भी सुबह से अपने बहने के आने का इंतजार रहा। भाईयों को राखी बांधने पहुंचे बहनों को नगर में कई-कई घंटे जाम में फंसे रहना पडा। आज दुकानदारों की भी जमकर बिक्री हुई जहां बहने अपने भाईयों को राखी बांधने के लिए राखियां खरीदी वहीं भाईयों ने बहनों को गिफ्ट देने के लिए जमकर खरीदी की तो मिठाईयों की दुकानों पर भी जमकर खरीदारी हुई।
भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना, बहने अपने भाईयों की कलाई पर प्यार भरी राखी बांधते इसी बात का वचन लिया। बहनों का कहना है कि यह राखी का डोरा नहीं बल्कि जन्मों-जन्मों के भाई-बहन के प्यार का बंधन है जिसके बहन अपने भाई की कलाई पर बांधने के बाद भाई से अपनी रक्षा का वचन लेती है। रक्षाबंधन पर अपने भाईयों को अपनी रक्षा का संकल्प दोहराने और उन्हें अपने प्यार का तौहफा भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर देने के लिए जाने वाली बहनों के कारण ट्रेनों व बसों में तो बड़ी तादाद में भीड़ थी। वहीं अपने वाहनों से जाने वालों की भी कुछ कम तादाद नहीं थी। जिसका दृश्य नगर में उस समय देखनों को मिला जब नगर के हृृदयगति चौक पर लम्बा जाम लग गया। उधर, रक्षा बंधन पर मिठाईयों की दुकानों पर भी सुबह से ही मिठाईयां खरीदने वालों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। जहां बहनों ने अपने भाईयों के लिए राखियां खरीदी वहीं भाईयों ने भी अपनी बहना के लिए उन्हें गिफ्ट खरीदे। जिसके कारण गिफ्ट खरीदने के लिए भी दुकानों पर भीड़ उमडती नजर आई।

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