थाने में खेल रही 6 वर्षीय लापता बच्ची
मुजफ्फरनगर(Lagatar Khabar) मां-बाप से बिछडी बच्ची को एक हफ्ता गुजर जाने के बाद भी बच्चे के मां-बाप का कुछ पता नहीं चला। सोमवार को बस चालक व परिचालक लापता बच्ची को लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां पर उपजिलाधिकारी ने बच्ची को थाने में कोतवाल के सुपुर्द करा दिया तथा चालक व परिचालक बच्ची को थाने में छोडकर चले गये लेकिन देर शाम तक बच्ची के माता पिता का कुछ पता नहीं चल पाया है।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद के कस्बा थाना खतौली क्षेत्र में विगत 31 जुलाई को एक 6 वर्ष की बच्ची हरिद्वार सिंह द्वार से रोडवेज बस मे बैठकर खतौली आ गयी जब बस चालक विपिन परिचालक शहजाद की नजर खाली बस मे बैठी इस बच्ची पर पडी तो दोनो ने बच्ची से पुछताछ की लेकिन अपना नाम सुहागी और बाप का नाम जुली बताकर ही रह गयी। दोनो लोगो ने इस बच्ची की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने इन दोनो को बच्ची को अपने साथ रखने की सलाह दी जिस पर विपिन और शहजाद ने बच्ची को एक सप्ताह तक अपने साथ बस मे घुमाया उसके बाद भी बच्ची के परिजनो का कुछ पता नही चल पाया। सोमवार को दोनो व्यक्ति उपजिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या बतायी। उपजिलाधिकारी ने उनकी समस्या सुन बच्ची को कोतवाली को सुर्पुद करने के आदेष दे दिये। चालक और परिचालक बच्ची को कोतवाली पर छोडकर चले गए लेकिन बच्ची को छोडकर जाते समय इन लोगो ने बच्ची से बिछडने का दर्द अपने दिल मे दबा के रखा समाचार लिखे जाने तक बच्ची थाने में ही खेल रही है।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद के कस्बा थाना खतौली क्षेत्र में विगत 31 जुलाई को एक 6 वर्ष की बच्ची हरिद्वार सिंह द्वार से रोडवेज बस मे बैठकर खतौली आ गयी जब बस चालक विपिन परिचालक शहजाद की नजर खाली बस मे बैठी इस बच्ची पर पडी तो दोनो ने बच्ची से पुछताछ की लेकिन अपना नाम सुहागी और बाप का नाम जुली बताकर ही रह गयी। दोनो लोगो ने इस बच्ची की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने इन दोनो को बच्ची को अपने साथ रखने की सलाह दी जिस पर विपिन और शहजाद ने बच्ची को एक सप्ताह तक अपने साथ बस मे घुमाया उसके बाद भी बच्ची के परिजनो का कुछ पता नही चल पाया। सोमवार को दोनो व्यक्ति उपजिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या बतायी। उपजिलाधिकारी ने उनकी समस्या सुन बच्ची को कोतवाली को सुर्पुद करने के आदेष दे दिये। चालक और परिचालक बच्ची को कोतवाली पर छोडकर चले गए लेकिन बच्ची को छोडकर जाते समय इन लोगो ने बच्ची से बिछडने का दर्द अपने दिल मे दबा के रखा समाचार लिखे जाने तक बच्ची थाने में ही खेल रही है।


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