'माया सरकार ने पेयजल के लिए मिला पैसा खर्च नहीं किया'
Sabhar Dainik Bhaskar
लखनऊ (Vijay Upadhayay ) उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड के लिए केन्द्र सरकार से 80 हजार करोड़ के पैकेज की मांग कर रही है। जबकि सोमवार को विधानसभा में पेश सीएजी रिपोर्ट ने राज्य सरकार के कामकाज में लापरवाही को उजागार करते हुए बुंदेलखंड में पेयजल सुरक्षा मिशन के 14.15 करोड़ का व्यय न किये जाने चिंता जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बुंदेलखंड के सात जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर व महोबा में पीने के पानी के लिए भारत सरकार के प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना, स्पेशन कंपोनेंट प्लान व त्वरित जलापूर्ति कार्यक्रम से 27.56 करोड़ दिये गए। 2010 तक इन जिलों में सिर्फ 3.80 करोड़ खर्च किया गया। खर्च न किये जाने का कारण का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, ललितपुर के जिला विकास अधिकारियों ने शासन को प्रस्ताव न भेजना था जबकि झांसी के प्रस्ताव को शासन ने अनुमोदित नही किया। रिपोर्ट में बुंदेलखंड में 2008 में 10 करोड़ पौधे लगाने के अभियान में 40.10 करोड़ के अनियमित खर्च का जिक्र किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विशेष वृक्षारोपण अभियान में न ो वानिकी नियमों का पालन हुआ और न कार्ययोजना से अलग कार्य करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुमोदन लिया गया। रिपोर्ट में प्रदेश सरकार के विभागों के कामकाज और विधायक निधि के इस्तेमाल, स्वास्थ्य योजनाओं, ई गवर्नेन्स, राज्य सड़क निधि योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताएं को भी उजागर किया है। 4312 करोड़ की राज्य की नगरीय स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट तैयार करने के प्रावधानों का पालन नही किया गया। इसके साथ उपकरणों आदि की खरीद व कार्ययोजना को अंतिम रूप नही दिया गया। रैबिज के टीके ज्यादा कीमत पर खरीदें गए।


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