Thursday, 4 August 2011

गांव में फैला मंगल दल के सदस्यों का आतंक

सचिन धीमान 
मुजफ्फरनगर(Lagatar Khabar)- बढती महंगाई के चलते जहां मजदूर दो जून की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है। वहीं महंगाई बढने के बावजूद भी मजदूरों की मजदूरी बढने का नाम नहीं ले रही है और यदि मजदूर बढती महंगाई के कारण विवश होकर मजदूरी बढाने का नाम लेता है तो मजदूरों का दबंग लोगों द्वारा उत्पीडन कर उन्हें घरों में जबरदस्ती कैद कर दिया जाता है। यह बात आज जनपद में उस समय खुलकर सामने आई जब सैंकडों मजदूर मजदूरी बढाने की मांग को लेकर किसानों के यहां मजदूरी पर जाना बंद कर दिया तो गांव के दबंग लोगों द्वारा मजदूरों का उत्पीडन करना शुरू कर दिया और उन्हें उन्हीं के घरों में कैद करके रख दिया और विरोध करने पर मारपीट कर उनका उत्पीडन किये जाने तथा खेतों में चारा लेने जाने व दिशा शौच को जाने तक पाबंदी लगा दी गई जिसके कारण मजदूरों का जीना दुभर हो गया और मजूदरों के पशु भी भूखे मरने की कगार पर पहुंच गए। पीडित मजदूर आज शाम किसी प्रकार दबंग व मंगलदल के सदस्यों को चकमा देकर जंगल के रास्ते जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए अपनी आप बीती सुनायी तथा गांव के दबंग लोगों व मंगल दल के सदस्यों से निजात दिलाये जाने की मांग की।
प्राप्त समाचार के अनुसार जनपद की बुढाना तहसील क्षेत्र स्थित थाना भौराकलां के ग्राम मौहम्मदपुर निवासी विक्रम, तिरथराम, सत सिंह, भोपाल, फहमीदा उर्फ फूल्लो, सुशील, अजय, सोहनवती, ओमवीरी, कंटो, सोनू सहित सैंकडों मजदूर लोग आज शाम जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे तथा जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि व मजदूरी पेशा व्यक्ति है और गांव में मजदूरी करके अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करते है। सभी मजदूरों का कहना था कि महंगाई आसमान छू रही है लेकिन गांव के किसान उन्हें मजदूरी बढाकर नहीं देते है जिसके कारण उन्होंने किसानों के यहां खेत में मजदूरी करना बंद कर दिया था। लेकिन किसान गुण्डागर्दी व दबंगई के कारण उन्हें जबरदस्ती मजदूरी पर ले जाना चाहते थे और जब उन्होंने किसानों के यहां मजदूरी पर जाना बंद कर दिया तो गांव के दबंग लोगों ने गांव में पंचायत कर एक मंगल दल बनाया जिसमें चन्द्रपाल पुत्र शौभा, सिरदारा, पटवारी, सहन्सर, मदन, सरवीर, करण, पूरण, चन्दर टक्कन, प्रवीण सहित सैंकडों लोग मंगल दल के सदस्य है तथा गांव के सभी मजदूरों को घरों से बाहर जाने पर पाबंदी लगा थी। इतना ही नहीं मंगल दल के सदस्य गांव में सडकों चौराहों, पर खुलेआम हाथों में बंदूक आदि लेकर घुमते है और जो भी मजदूर अपने खेतों से चारा लेकर आता है वह उनके साथ मारपीट करते हुए छिन लेते है। इतना ही नहीं मंगल दल के सदस्यों ने उनकी बहु बेटियों का जंगल में दिशा शौच के लिए जाने पर भी पाबंदी लगा दी है और वह उनकी बहु बेटियों की इज्जत आबरू के साथ खिलवाड कर रहे है और उनकी महिलाओं के साथ मारपीट करते है। ग्रामीण मजदूरों का आरोप था कि मंगल दल के सदस्यों ने उनके घरों से बाहर जाने के रास्ते तक बंद कर दिये है और वह जबरदस्ती उनसे मजदूरी करा रहे है तथा उन्हें मजदूरी भी नहीं देते है। जिसके कारण दलित मजदूर लोग अपने मकान बेचकर गांव से बाहर पलायन करने के लिए विवश हो गये है। उन्होंने बताया कि पिछले दस दिनों से उनके पशु चारा न मिलने के कारण भूखे मरने लगे है और मंगल दल के सदस्यों ने उनका गांव से बाहर जाने का रास्ता भी बंद कर दिया है। इतना ही नहीं यदि उनके रिश्तेदार गांव में आते है तो मंगल दल के सदस्य उन्हें गांव से वापिस भेज देते है। गांव में मंगल दल के सदस्यों का आतंक छाया हुआ है जिसके कारण लोगों में दहशत फैली हुई है। दलित मजदूरों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मंगल दल के सदस्यों व दबंग लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग करते हुए उनको व उनके परिजनों की मंगल दल के सदस्यों से जान माल की सुरक्षा किये जाने की गुहार लगायी।

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