कलमाड़ी की नियुक्ति को लेकर सरकार ने की विपक्ष को घेरने की कोशिश
Sabhar Dainik Bhaskar
नई दिल्ली ( agency ). महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के चलते मंगलवार को भी संसद के दोनो सदनों की कार्यवाही नहीं चल सकी। मॉनसून सत्र के दूसरे दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी दलों के सांसदों ने 2जी, कॉमनवेल्थ घोटाला और बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर हंगामा और नारेबाजी की और इन मसलों पर बहस के लिए प्रश्नकाल स्थगित करने की मांग की। हंगामा बढ़ता देख लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। हालांकि सरकार महंगाई के मसले पर चर्चा के बाद वोटिंग के लिए राजी हो गई है। बुधवार को होने वाली चर्चा के चलते अब सरकार गुरुवार को लोकसभा में लोकपाल बिल भी पेश करेगी। संसदीय कार्यमंत्री पी के बंसल ने आज यह जानकारी दी।
संसद की कार्यवाही आज शुरू होते ही राज्यसभा में भाजपा की अगुवाई में विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश की। विपक्षी दलों ने कॉमनवेल्थ घोटाले के आरोपी सुरेश कलमाड़ी की नियुक्ति को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कलमाड़ी को प्रधानमंत्री का खुला समर्थन था। केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष पद पर सुरेश कलमाड़ी की नियुक्ति करने का आरोप एनडीए पर मढ़ दिया।
माकन ने इस मुद्दे पर सरकार का रुख साफ करते हुए कहा, 'यूपीए की सरकार अंतिम क्षणों में कलमाड़ी को हटाने का जोखिम नहीं उठा सकती थी क्योंकि इससे खेल होने या न होने की संभावना जुड़ी हुई थी। एनडीए नेताओं को 2003 में ऐसे समझौते पर दस्तखत करने ही नहीं चाहिए थे।' माकन ने कहा कि कलमाड़ी की नियुक्ति की प्रक्रिया एनडीए की सरकार के दौरान शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में बीजेपी को सफाई देने की जरूरत है। इससे पहले माकन ने प्रधानमंत्री को कॉमनवेल्थ खेलों पर सीएजी की रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी। माकन ने राज्यसभा में मंगलवार को यह रिपोर्ट पेश की।
हंगामा बढ़ता देख सभापति ने सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे फिर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, भूमि अधिग्रहण विधेयक जल्दी पेश किये जाने की मांग को लेकर बसपा और कई अन्य विपक्षी दलों के भारी हंगामे एवं नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
2जी, कॉमनवेल्थ घोटाला और बढ़ती महंगाई के मसले पर सरकार से जवाब मांगा और नियम 184 के तहत लोकसभा और नियम 167 के तहत राज्यसभा में बहस कराने की मांग की। इन नियमों के तहत बहस के साथ मतदान का भी प्रावधान है। सरकार इन मुद्दों पर बहस करना चाहती है, लेकिन वोटिंग कराना नहीं चाहती है। सरकार ने कहा है कि वोटिंग की कोई जरूरत नहीं है बल्कि नियम 193 और 176 के तहत सदन में बहस हो सकती है। कांग्रेस के सांसद संजय निरूपम ने कहा है कि सरकार सभी मुद्दों पर बहस करने के लिए तैयार है, लेकिन मतदान की जरूरत नहीं है। दूरसंचार राज्य मंत्री सचिन पायलट का कहना है कि विपक्ष अपने हिसाब से सदन नहीं चला सकता है।
बीजेपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा द्वारा 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में प्रधानमंत्री और पी चिदंबरम का नाम लेने के मामले पर सरकार को घेरने में जुटी है वहीं, वामपंथी दल और जेडी (यू) महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी की संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनी।
संसद की कार्यवाही आज शुरू होते ही राज्यसभा में भाजपा की अगुवाई में विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश की। विपक्षी दलों ने कॉमनवेल्थ घोटाले के आरोपी सुरेश कलमाड़ी की नियुक्ति को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कलमाड़ी को प्रधानमंत्री का खुला समर्थन था। केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने मंगलवार को कॉमनवेल्थ खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष पद पर सुरेश कलमाड़ी की नियुक्ति करने का आरोप एनडीए पर मढ़ दिया।
माकन ने इस मुद्दे पर सरकार का रुख साफ करते हुए कहा, 'यूपीए की सरकार अंतिम क्षणों में कलमाड़ी को हटाने का जोखिम नहीं उठा सकती थी क्योंकि इससे खेल होने या न होने की संभावना जुड़ी हुई थी। एनडीए नेताओं को 2003 में ऐसे समझौते पर दस्तखत करने ही नहीं चाहिए थे।' माकन ने कहा कि कलमाड़ी की नियुक्ति की प्रक्रिया एनडीए की सरकार के दौरान शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में बीजेपी को सफाई देने की जरूरत है। इससे पहले माकन ने प्रधानमंत्री को कॉमनवेल्थ खेलों पर सीएजी की रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी। माकन ने राज्यसभा में मंगलवार को यह रिपोर्ट पेश की।
हंगामा बढ़ता देख सभापति ने सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे फिर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, भूमि अधिग्रहण विधेयक जल्दी पेश किये जाने की मांग को लेकर बसपा और कई अन्य विपक्षी दलों के भारी हंगामे एवं नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
2जी, कॉमनवेल्थ घोटाला और बढ़ती महंगाई के मसले पर सरकार से जवाब मांगा और नियम 184 के तहत लोकसभा और नियम 167 के तहत राज्यसभा में बहस कराने की मांग की। इन नियमों के तहत बहस के साथ मतदान का भी प्रावधान है। सरकार इन मुद्दों पर बहस करना चाहती है, लेकिन वोटिंग कराना नहीं चाहती है। सरकार ने कहा है कि वोटिंग की कोई जरूरत नहीं है बल्कि नियम 193 और 176 के तहत सदन में बहस हो सकती है। कांग्रेस के सांसद संजय निरूपम ने कहा है कि सरकार सभी मुद्दों पर बहस करने के लिए तैयार है, लेकिन मतदान की जरूरत नहीं है। दूरसंचार राज्य मंत्री सचिन पायलट का कहना है कि विपक्ष अपने हिसाब से सदन नहीं चला सकता है।
बीजेपी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा द्वारा 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में प्रधानमंत्री और पी चिदंबरम का नाम लेने के मामले पर सरकार को घेरने में जुटी है वहीं, वामपंथी दल और जेडी (यू) महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी की संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनी।


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